Guru

Guru

नहीं है अल्फाज़ कैसे करू मैं धन्यवाद,
गिर कर भी खड़ा होना सिखाया जिसने
हार क बाद भी जीत के लिए संघर्ष करना बताया जिसने,
ऐसे गुरु का आशीर्वाद है मुझे,
जिनके प्यार का ही प्रतिरूप है उनकी डॉट,
कैसे करू मैं उनका धन्यवाद।।

गुरु का महत्तव कभी होगा ना कम,
भले ही कर ले कितनी भी उन्नति हम,
वैसे तो है इंटरनेट पे हर प्रकार का ज्ञान,
पर अच्छे बुरे की नहीं है उसमे पहचान,
जिसने बताया फ़र्क़:-
क्या है अच्छा, क्या है बुरा संवाद
कैसे करू मैं उनका धन्यवाद।।

कहा भी गया है-
गुरु गोबिंद दोऊ खड़े का के लागू पाय
बलिहारी गुरू आपणे, गोबिंद दियो मिलाय।।

जिन्होंने मिला दिया भगवान से,
उनके सम्मान में और क्या कहूँ में,
नहीं है अल्फाज़ कैसे करू मैं धन्यवाद।।

Palak Gupta
BJMC (1st-Year)

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