Love For Country

Love For Country

जिदंगी और मौत को हम भूल गुमनाम बैठे है,
सजाकर आजादी की हम सुनहरी शाम बैठे है,,
इरादे नेक है सरहद को कोई छू भी क्या जाए,
जान से प्यारी घरती मॉ का दामन हाम थाम बैठे है,,

रगो में दो़ड़ता इरादा-ए- वतने मुक नही सकता,
घने अधेंरे में रास्ता हमारा गुम नही सकता,,
उस सीमा पार दुश्मन को उडा़ने गर्त कुछ भी,
ये सर कट सकता है मगर ये झुक नही सकता,,

Ronak Pareek
BJMC(1st Year)

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