Mai Aur Meri Tanhai

Mai Aur Meri Tanhai

इस भागादौड़ी की दुनिया में| अब मै और मेरी तन्हाई रह गई |
तन्हाई से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई है | उसी के साथ मेरी सुबह होती और रात ढल जाती है |
बाकी सब मेरी यादे रह गई है | यह ज़िन्दगी भी कितनी अज़ीब है |
जब सब होता है  तब वक्त  नहीं होता और जब वक्त होता ह तब तन्हाई के सिवा और कुछ नहीं होता |
तन्हाई ही मेरी साथी है जिसके साथ मै अपना दुःख दर्द साझा करता हूँ |
लोग इससे बहुत बुरा भला कहते है| पर यह अब मेरी हमसफ़र बन गई है | सब वक्त के साथ साथ छोड़ देते है | इस दरमियां यही हमारे  साथ होती है |
जो हमारा हाथ पकड़ के हमारे जीवन के इस लम्बे सफ़र में साथ निभाती है |
और मै और मेरी तन्हाई अक्सर बाते किया करते है |

Anish shekhar
BJMC 1year

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