Ye Waqt Kuch Sikhata Hai

Ye Waqt Kuch Sikhata Hai

क्यों ना मदीरा के दो घूँट जाम हो जाये, 
ना जाने किस घडी 
जीवन के उन्माद, अवसाद हो जाये ||

समय कीमती है हर क्षण नए अवसर लाता है,
कभी हसाता है कभी रूलाता है,
कभी झोली भर जाता है कभी शोहरत ले जाता है ||

समयचक्र में हर रंग बेरंग सा हो  जाता है,
कभी आफताब, कभी माहताब इसका ग़ुलाम हो जाता है,
तो कभी निष्ठांवान को यह आस्तीन का सांप बना जाता है ||

बादशाहो को बेताज कर जाता है,
अँधेरे घर में उजाला लाता है,
ये वक़्त कुछ सिखाता है, ये वक़्त कुछ सिखाता  है....

Ayman Mirza
BJMC 1st Year

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